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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यातायात नियमों को कड़ाई से लागू करते ही सड़क दुर्घटनाएं हो जाएंगी कम: मर्सिडीज सीईओ

By Atul YadavEdited By:
Updated: Sat, 17 Sep 2022 10:55 AM (IST)

सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों में कोई खास कमी नहीं है लेकिन इनका इन्हें कड़ाई से लागू करने की जरूरत है। अगर हर कोई नियम के अनुसार व्यवहार करेगा तो हमारे पास पहले से ही दोपहिया तिपहिया और चार पहिया वाहनों द्वारा सड़क पर होने वाली मौतों में कमी आएगी।

रोड सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करना चाहिए
रोड सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करना चाहिए

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की इस महीने की शुरुआत में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसके बाद देश में एक बार फिर रोड सेफ्टी को लेकर बहस शुरू हो गई। चूंकि, साइरस मिस्त्री जिस गाड़ी में सवार थे वह मर्सिडीज-बेंज थी, इसलिए लोग मर्सिडीज-बेंज की सेफ्टी को लेकर भी ढेरों सवाल खड़े कर रहे हैं। जिसका जवाब मर्सिडीज बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) मार्टिन श्वेंक ने मीडिया को दिया है।

रोड सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत

मार्टिन श्वेंक के अनुसार, देश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों एवं यातायात मानकों के सख्ती से लागू करने की जरूरत है। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम की सालाना बैठक में शिरकत करने आए श्वेंक ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों में कोई खास कमी नहीं है, लेकिन इनका इन्हें कड़ाई से लागू करने की जरूरत है। अगर हर कोई नियम के अनुसार व्यवहार करेगा, तो हमारे पास पहले से ही दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों द्वारा सड़क पर होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आएगी।

हर साल लगभग 1.5 लाख सड़क दुर्घटनाएं

मार्टिन श्वेंक का कहना है कि हमारे देश में यातायात को लेकर कई कड़े नियम बनाए गए हैं, जिसे मात्र सख्ती से लागू करने से ही भारी सख्या में रोड एक्सीडेंट में होने वाली मौतों की सख्या में कमी लाई जा सकती है। भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। वहीं अगर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आने वाले नियमों को बस सख्ती से लागू कर दिया जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आ सकती है।