विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पहली बार वैकल्पिक ईंधन ने पेट्रोल को पीछे छोड़ा, सीएनजी-ईवी बनी पसंद

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:00 AM (IST)

फाडा की रिपोर्ट के मुताबिक बीते महीने वाहनों की बिक्री में सबसे ज्‍यादा ईवी, सीएनजी और हाइब्रिड कारों की संख्‍या ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारतीय पैसेंजर वाहन बाजार में पहली बार ऐसा हुआ है कि सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी पेट्रोल से आगे निकल गई है। आटोमोबाइल डीलरों के संगठन फाडा के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में वैकल्पिक ईंधन वाली कारों की हिस्सेदारी 41.95 फीसद रही, जबकि पेट्रोल की हिस्सेदारी 40.85 फीसद पर सिमट गई। महज एक साल पहले पेट्रोल इस मुकाबले में करीब 11 फीसद अंक आगे था। यह बदलाव भारतीय आटो सेक्टर में एक नया अध्याय है। वैसे पेट्रोल चालित वाहन समग्र तौर पर अभी भी सबसे बड़ी श्रेणी है। सीएनजी की हिस्सेदारी 25.28 प्रतिशत, हाइब्रिड की 9.04 प्रतिशत और ईवी की 7.63 प्रतिशत रही। डीजल करीब 17 प्रतिशत पर रहा।

क्‍या है कारण

इस रुझान के पीछे सिर्फ नए माडल नहीं हैं। पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और ई-20 ईंधन को लेकर चल रहा विवाद भी ग्राहकों को वैकल्पिक विकल्पों की ओर धकेल सकता है। डीलरों का भी यही आकलन है कि चलने की लागत और ई-20 को लेकर हिचकिचाहट पेट्रोल खरीदारों को दूसरी तरफ मोड़ रही है। आने वाले महीनों में यह रुझान और तेज हो सकता है, क्योंकि बाजार में छोटी और सस्ती ईवी लांच होने वाली हैं। देश की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी हुंडई दिसंबर 2027 तक अपनी पहली छोटी इलेक्ट्रिक कार लाने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि इसकी कीमत 10 लाख रुपये से काफी कम रह सकती है। बाजार की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी की छोटी ईवी अगले वित्त वर्ष के अंत तक ही आएगी। सस्ते ईवी से मध्यम वर्ग के खरीदारों के लिए विकल्प और बढ़ेंगे।

अधिकारियों ने कही यह बात

अगस्त के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए फाडा अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा, “अगस्त 2026 में जो बिक्री हुई है वैसी बिक्री देश में अगस्त माह में कभी नहीं हुई। उद्योग ने 24,23,201 यूनिट दर्ज कीं, जो सालाना आधार पर 17.51 फीसद ज्यादा हैं। हालांकि यह जुलाई के मुकाबले रिटेल 6.48 फीसद कम है। इसमें मौसमी मानसून और त्योहारी कैलेंडर का असर रहा, क्योंकि गणेश चतुर्थी और ओणम से जुड़ी खरीद सितंबर में खिसक गई है।दोपहिया 19.69 फीसद, यात्री वाहन 16.14 फीसद और वाणिज्यिक वाहन 14.45 फीसद ज्यादा बेचे गये हैं। तिपहिया वाहनों की बिक्री 8.64 फीसद बढ़ी है।”

सिंतबर से नवंबर में होगी परीक्षा

फाडा ने यह भी चेतावनी दी है कि सालाना वृद्धि का बड़ा हिस्सा अगस्त 2025 के कमजोर आधार से जुड़ा है, जब खरीदार जीएसटी 2.0 कटौती का इंतजार कर रहे थे। असली परीक्षा सितंबर से नवंबर तक शोरूम में बुकिंग के वास्तविक रूपांतरण की होगी।

यह भी पढ़ें- 2026 Renault Duster Review: कितनी दमदार है नई डस्‍टर, क्‍या खरीदने में होगा फायदा?