लेवल-2 ADAS: आपकी कार को कैसे बनाता है सुरक्षित और स्मार्ट
ADAS System: आधुनिक कारों में लोकप्रिय हो रहा लेवल-2 ADAS सिस्टम कैमरे और रडार की मदद से ड्राइविंग को आसान ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। आजकल की आधुनिक कारों की सेफ्टी के लिए ADAS फीचर बहुत ही फेमस हो रहा है। इसमें से लेवल-2 ADAS को आंशिक ऑटोमेशन माना जाता है। इसका मतलब यह है कि कार कुछ समय के लिए स्टीयरिंग, एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग को खुद कंट्रोल कर सकती है लेकिन ड्राइवर का ध्यान पूरी तरह सड़क पर होना जरूरी है। ॉॉ
कैसे करता है काम?
लेवल-2 ADAS तीन चीजों के तालमेल से काम करता है। गाड़ी की विंडशील्ड पर लगे कैमरे सड़क के लेन मार्किंग, ट्रैफिक साइन, पैदल यात्रियों और बाकी गाड़ियों पर नजर रखते हैं। कार के आगे और आसपास लगे रडार सेंसर आगे चल रही गाड़ियों की दूरी और स्पीड को ट्रैक करते हैं। साथ ही, यह कार का कंप्यूटर होता है जो कैमरे और रडार से मिले डेटा को समझकर तुरंत फैसला लेता है।
लेवल-2 ADAS के फीचर्स
- Adaptive Cruise Control: यह फीचर आगे चल रही कार की स्पीड के हिसाब से आपकी गाड़ी की स्पीड को अपने आप कम या ज्यादा करता है और सुरक्षित दूरी बनाए रखता है।
- Lane Keep Assist: अगर कार बिना इंडिकेटर दिए अपनी लेन से बाहर जाने लगती है तो यह सिस्टम स्टीयरिंग को हल्का या घुमाकर गाड़ी को सही लेन में वापस ले आता है।
- Automatic Emergency Braking: अगर अचानक सामने कोई गाड़ी, इंसान या किसी भी तरह की रुकावट आ जाती है और ड्राइवर ध्यान नहीं देता तो यह सिस्ट खुद ब्रेक लगा देता है जिससे दुर्घटना से बचा जा सके।
- Blind Spot Detection: गाड़ी के पीछे या किनारों पर जो हिस्से शीशे में दिखाई नहीं देते वहां कोई गाड़ी होने पर यह अलर्ट देता है।
इस बात का रखे ध्यान
हालांकि, लेवल-2 ADAS कार चलाने के अनुभव को बहुत आसान और सुरक्षित बनाता है लेकिन यह कोई फुली-सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम नहीं है। भारतीय सड़कों की स्थिति, ट्रैफिक को देखते हुए स्टीयरिंग पर हमेशा ड्राइवर का कंट्रोल रहना बहुत ही जरूरी है।
