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शरद पूर्णिमा की रात बरसेगा अमृत! राशि अनुसार करें 1 उपाय, जन्म कुंडली से हमेशा के लिए दूर होगा 'चंद्र दोष'

Published: Sun, 25 Oct 2026 12:10 PM (IST)Updated: Sun, 25 Oct 2026 12:14 PM (IST)

शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है। इस दिन राशि अनुसार चंद्र ...और पढ़ें

चंद्र दोष मुक्ति के लिए शरद पूर्णिमा पर करें ये उपाय  (Picture Credit: AI Generated)

चंद्र दोष मुक्ति के लिए शरद पूर्णिमा पर करें ये उपाय  (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा करता है अमृत वर्षा।

  2. राशि अनुसार उपाय से दूर करें चंद्र दोष।

  3. मानसिक शांति और जीवन में खुशहाली पाएं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा को रोशनी से अमृत की वर्षा होती है और चंद्रमा के प्रकाश में जो खीर रखी जाती है उसमें भी इस अमृत का प्रभाव होता है। ऐसे में इस दिन घर की समृद्धि के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, क्योंकि चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना जाता है। इस दिन आप चंद्र दोष मुक्ति के लिए भी कुछ आसान उपाय आजमा सकते हैं। कुंडली में चंद्र दोष होने पर व्यक्ति को मानसिक तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।

अगर शरद पूर्णिमा की रात राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करेंगे, तो ऐसे सभी दोषों से मुक्ति मिल सकती है और जीवन में खुशहाली बनी रहेगी। इस साल शरद पूर्णिमा का चांद 25 अक्टूबर की रात को निकलेगा। आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा से जानते हैं, मेष से लेकर मीन राशि तक के लोग इस पावन रात को चंद्रदोष निवारण के लिए कौन-सा उपाय कर सकते हैं।

राशि अनुसार चंद्र दोष निवारण के अचूक उपाय

अगर आप शरद पूर्णिमा की रात अपनी राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करेंगे, तो आपकी कुंडली में मौजूद किसी भी तरह का चंद्र दोष दूर हो सकता है। आइए जानें कौन से उपाय आके लिए कारगर हो सकते हैं।

मेष: रात में चंद्रमा को तांबे या चांदी के पात्र से दूध व जल का अर्घ्य दें और ॐ सोमाय नमः का 108 बार जाप करें।

वृषभ: छत पर रखी खीर का भोग मां लक्ष्मी को लगाएं। इससे आपके चंद्र दोष दूर हो सकते हैं।

मिथुन: चंद्रमा को दूध, जल और मिश्री मिलाकर अर्घ्य दें। अर्घ्य के बाद ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

कर्क: चांदी के पात्र में खीर बनाकर चांद की रोशनी में रखें और मध्यरात्रि में भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें।

सिंह: जल में थोड़ा सा केसर मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र व शिव चालीसा का पाठ करें।

कन्या: जल में दूध और कुछ दाने अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें। छोटी कन्याओं को खीर बांटें।

तुला: सफेद वस्त्र पहनकर चंद्रमा की रोशनी में बैठकर ॐ नमः शिवाय का जाप करें और चांदी का सिक्का पास रखें।

वृश्चिक: जल में थोड़ा सा कच्चा दूध और लाल चंदन मिलाकर अर्घ्य दें। चंद्र देव के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें।

धनु: जल में दूध और चुटकी भर हल्दी मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। किसी मंदिर में चने की दाल और मिश्री का दान करें।

मकर: जल में सफेद तिल और दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें।

कुंभ: किसी जरूरतमंद को चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करें और रात में चंद्र दर्शन करते हुए ध्यान करें।

मीन: चंद्रमा को दूध और गंगाजल मिलाकर अर्घ्य दें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करते हुए खीर का प्रसाद ग्रहण करें।

अगर आपकी कुंडली में में चंद्र दोष है, तो शरद पूर्णिमा की रात किया गया एक छोटा से उपाय आपके सभी दोषों को दूर करेगा और जीवन में सुख समृद्धि बनी रहेगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।