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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

युद्ध के लिए तैयार रहे सेना: जोंग उन

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Updated: Wed, 25 Dec 2013 08:09 PM (GMT+05:30)

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने देश की सेना से युद्ध के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है।

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सियोल। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने देश की सेना से युद्ध के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के युद्ध कभी भी शुरू हो सकता है। यह अपील ऐसे समय की गई है जब कोरियाई प्रायद्वीप में किम के फूफा को मृत्युदंड दिए जाने के बाद तनाव उत्पन्न हो गया है। उत्तर कोरिया की सरकारी कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा कि क्रिसमस की पूर्व संध्या पर किम ने सेना की सबसे बड़ी यूनिट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यूनिट को युद्ध के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। किम ने कहा कि अपने दिमाग में यह बैठा लें कि युद्ध बिना किसी पूर्व सूचना के शुरू हो सकता है। गौरतलब है कि परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया को उकसावे वाले कदम के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया पहले ही आगाह कर चुके हैं। किम वंशज इस देश पर 1948 से शासन कर रहे हैं।

फूफा को फांसी का आदेश नशे में दिया था

बीजिंग। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने गत 12 दिसंबर को नशे की हालत में अपने फूफा जोंग उन थेक को मृत्युदंड दिए जाने का फरमान सुनाया था। यह दावा एक जापानी अखबार ने अपनी जांच के आधार पर किया है।

उत्तर कोरिया पर नजर रख रही दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने बताया कि देश के दूसरे सबसे ताकतवर नेता थेक देश के प्राकृतिक संसाधनों को अपने नियंत्रण में करने की कोशिश कर रहे थे जो उनके पतन का कारण बना। लाभकारी सरकारी व्यवसायों खासकर कोयला से जुड़े निर्णयों में थेक का बहुत ज्यादा हस्तक्षेप था। किम भी कोयला व्यापार पर अपना नियंत्रण चाहते थे क्योंकि चीन को निर्यात होने वाले कोयले से भारी आय होती है, लेकिन इस कवायद में उन्हें थेक के समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ता था।

एक बेटी के पिता हैं उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन

फूफा को फांसी का आदेश नशे में दिया था

बीजिंग। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने गत 12 दिसंबर को नशे की हालत में अपने फूफा जोंग उन थेक को मृत्युदंड दिए जाने का फरमान सुनाया था। यह दावा एक जापानी अखबार ने अपनी जांच के आधार पर किया है।

उत्तर कोरिया पर नजर रख रही दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने बताया कि देश के दूसरे सबसे ताकतवर नेता थेक देश के प्राकृतिक संसाधनों को अपने नियंत्रण में करने की कोशिश कर रहे थे जो उनके पतन का कारण बना। लाभकारी सरकारी व्यवसायों खासकर कोयला से जुड़े निर्णयों में थेक का बहुत ज्यादा हस्तक्षेप था। किम भी कोयला व्यापार पर अपना नियंत्रण चाहते थे क्योंकि चीन को निर्यात होने वाले कोयले से भारी आय होती है, लेकिन इस कवायद में उन्हें थेक के समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ता था।

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